

उपमुख्यालय छोटेडोंगर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: जगह और बेड की कमी से जमीन पर सोने को मजबूर मरीज
छोटेडोंगर– जिला मुख्यालय नारायणपुर के महत्वपूर्ण उपमुख्यालय छोटेडोंगर स्थित शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज कराने पहुँच रहे मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में पर्याप्त बेड (खाट) न होने के कारण मरीजों को मजबूरन जमीन पर सोकर अपना इलाज कराना पड़ रहा है।
बेड कम, मरीजों की कतार ज्यादा छोटेडोंगर अस्पताल आसपास के दर्जनों गांवों के लिए इलाज का एकमात्र प्रमुख केंद्र है। रोजाना यहाँ बड़ी संख्या में बरसात के दिनों मे मौसमी बीमारियों, दुर्घटनाओं व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं। लेकिन अस्पताल में बिस्तरों की सीमित संख्या के कारण भर्ती मरीजों को फ्लोर पर ही गद्दे या चादर बिछाकर सोना पड़ रहा है। गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीजों के लिए भी यह स्थिति बेहद कष्टदायक बनी हुई है।
जनप्रतिनिधियों की मांग और शिकायतों का असर नहीं
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस अव्यवस्था को लेकर कई बार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। बार-बार शिकायतें दर्ज कराने और अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने की मांग करने के बावजूद अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश:
“प्रशासन की यह बेरुखी और उदासीनता क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ जैसी है। जनप्रतिनिधियों की मांगों को भी अनसुना किया जा रहा है।” —
स्थानीय निवासी उठा रहे गंभीर सवाल
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि जब उपमुख्यालय के अस्पताल का यह हाल है, तो अंदरूनी इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या आलम होगा? मरीजों और उनके परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने की पुरजोर मांग की है।अब देखना यह होगा कि इस जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन कब तक नींद से जागता है और मरीजों को राहत पहुंचाता है।
अस्पताल कर्मचारियों का कहना है की अधिक मरीज होने के कारण हमें मजबूरन निचे बिछा कर ईलाज करना पड़ता है साथ अस्पताल कर्मचारियो के लिए रूम का आभाव के कर्मचारियों को किराये के मकान मे रहना पड़ता है और समय पर दूर रूम के वजह समय पर पहुंच पाना कठिन हो रहा है
अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई
2 साल से अधूरा पड़ा है शौचालय निर्माण, छोटेडोंगर पंचायत की लापरवाही उजागर
छोटेडोंगर: स्थानीय शासकीय अस्पताल परिसर में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर परिसर में बन रहा शौचालय पिछले लगभग दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है।बताया जा रहा है कि इस शौचालय निर्माण कार्य की नोडल एजेंसी छोटेडोंगर पंचायत है। बीते दो सालों में निर्माण कार्य को पूरा करने में पंचायत द्वारा कोई तत्परता या रुचि नहीं दिखाई गई है। पंचायत की इस घोर लापरवाही का खामियाजा अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और महिला स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि संबंधित उच्च अधिकारी इस विषय पर तुरंत ध्यान दें और पंचायत की जवाबदेही तय करते हुए अधूरे शौचालय निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करवाएं।




