

जिला नारायणपुर।
दुर्ग में हाल ही में गिरफ्तार की गई आदिवासी युवतियों और ननों पर मानव तस्करी के आरोप लगाकर जेल भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर मुद्दे की जांच हेतु प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच दल अबुझमाड़ के ओरछा क्षेत्र पहुंचा।
जांच दल का नेतृत्व पूर्व पीसीसी अध्यक्ष व सांसद मोहन मरकाम ने किया, जिसमें बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक चन्दन कश्यप, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिसेल नाग सहित कुल 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल था।
जांच के दौरान पीड़ित युवतियों ने बताया कि वे विगत 5 वर्षों से ननों के संपर्क में हैं और उनके परिजन इस यात्रा और संबंध की जानकारी रखते हैं। एक पीड़िता की मां ने भी जांच दल को बताया कि उसे पता था कि उसकी बेटी उत्तर प्रदेश के आगरा ननों के साथ जा रही है।
युवतियों ने यह भी आरोप लगाया कि बजरंग दल की सदस्य ज्योति शर्मा एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने उनके साथ जातिवादी गालियां दीं और मारपीट की। जांच के दौरान पीड़ित युवतियों ने कांग्रेस दल को विस्तृत रूप से अपनी आपबीती सुनाई।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि देवांगन, शहर अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, जिला महासचिव शेख तौहीद अहमद, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन, वरिष्ठ कांग्रेसी वी. पी. शुक्ला, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल, और अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर FIR की मांग
जांच दल द्वारा पीड़ित परिजनों से बातचीत के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक राबिसन्स गुरिया से मुलाकात की। पूर्व विधायक चंदन कश्यप की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने हेतु ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिसेल नाग, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि देवांगन, शहर अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, महासचिव शेख तौहीद अहमद, पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन, वरिष्ठ नेता वीपी शुक्ला, पंडी राम वड्डे, गजा पटेल समेत कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।




