सड़क के गड्ढों पर जनसहयोग का मरहम, श्रमदान से बदली कुमारपारा चौक की तस्वीर


जिला नारायणपुर
सेवा संकल्प अभियान के तहत पार्षदों और वार्डवासियों ने मिलकर भरे गड्ढे, किसी ने दी गिट्टी-सीमेंट तो किसी ने रेती; श्रमदान से दिया जिम्मेदार नागरिकता का संदेश
नारायणपुर- शहर के कुमारपारा चौक में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत जनसहयोग और श्रमदान की सराहनीय पहल देखने को मिली। लंबे समय से सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से परेशान लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर पार्षदों और वार्डवासियों के साथ मिलकर गड्ढों को भरने का काम किया।
चांदनी चौक से कुमारपारा की ओर जाने वाला यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयास से तत्काल राहत देने का निर्णय लिया।
किसी ने दी रेती, किसी ने गिट्टी-सीमेंट
सेवा संकल्प अभियान के दौरान जनसहयोग की मिसाल देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों ने अपनी क्षमता के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई। किसी ने रेती दी तो किसी ने गिट्टी और सीमेंट की व्यवस्था की। वहीं कई लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्वयं श्रमदान करते हुए सड़क के गड्ढों को भरने में सहयोग किया।
इस दौरान पार्षद प्रवीण गोलछा, पार्षद कौशल बघेल, वार्ड के वरिष्ठ नागरिक श्यामलाल कश्यप, राजू यादव, महेंद्र समरथ, दीना यादव और खिरेंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं नगर पालिका के सफाई कर्मी मौजूद रहे।
सिर्फ गड्ढे नहीं भरे, जिम्मेदारी का संदेश भी दिया
इस पहल के माध्यम से स्थानीय नागरिकों ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक समस्याओं के समाधान में जनभागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पार्षदों और वार्डवासियों के सामूहिक प्रयास से सड़क के गड्ढों में तत्काल राहत मिलने से लोगों ने पहल की सराहना की।
हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह तत्काल राहत का प्रयास है। सड़क की स्थायी मरम्मत के लिए संबंधित विभाग द्वारा तकनीकी जांच एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में दोबारा गड्ढों की समस्या उत्पन्न न हो।
कुमारपारा चौक में सेवा संकल्प अभियान के तहत हुई यह पहल भले ही स्थानीय स्तर पर की गई हो, लेकिन इसने जनसहयोग, श्रमदान और सामूहिक जिम्मेदारी की एक सकारात्मक मिसाल पेश की है।




