जिला अस्पताल की छत से गिरकर 52 वर्षीय मरीज की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


जिला – नारायणपुर स्व.बद्रीनाथ बघेल जिला अस्पताल नारायणपुर में शनिवार देर रात एक 52 वर्षीय भर्ती मरीज की अस्पताल की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान गऊराम गनवर, उम्र 52 वर्ष, निवासी खड़ीबहार के रूप में हुई है। वह पेट दर्द की शिकायत के चलते जिला अस्पताल के मेल वार्ड के बेड नंबर 5 पर भर्ती था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यरात्रि के दौरान गऊराम कथित तौर पर अस्पताल की छत से नीचे गिर गया। सुबह करीब 6 बजे आसपास मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों ने उसे खून से लथपथ हालत में देखा, जिसके बाद तत्काल स्टाफ नर्स को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस एवं सुरक्षा गार्ड की सहायता से शव को सीढ़ियों के पास रखा गया तथा मृतक के परिजनों को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे और शव को तत्काल मरच्यूरी में रखने से इंकार करते हुए आक्रोश जताया। इसके बाद पटवारी एवं डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि रात्रि में पुलिस और सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी होने के बावजूद भर्ती मरीज अस्पताल की छत तक कैसे पहुंच गया। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
बगल के बेड पर भर्ती दूसरा मरीज भी रात से गायब!
इस घटना के बीच अस्पताल की व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर सवाल सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मृतक गऊराम के बगल वाले बेड पर भर्ती एक अन्य मरीज भी रात से अपने बिस्तर पर मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि मरीज अपना सामान बिस्तर पर ही छोड़कर गायब है। उसके साथ कोई परिजन भी मौजूद नहीं बताया जा रहा है,दूसरे मरीज के गायब होने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि/जांच का विषय है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि रात के समय वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यदि पुलिस, सुरक्षा गार्ड और अस्पताल स्टाफ की ड्यूटी मौजूद थी, तो भर्ती मरीज अस्पताल की छत तक कैसे पहुंचा? वहीं दूसरा मरीज रात से गायब होने के बावजूद उसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को कब हुई?
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल परिसर में इससे पहले भी छत से गिरकर/कूदकर जान गंवाने की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल की छत और ऊपरी हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आखिर कब सुधरेगी जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था? क्या पिछली घटनाओं से अस्पताल प्रबंधन ने कोई सबक लिया? और इस घटना की जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?
वर्जन — डॉ. आदित्य केकती, प्रभारी सिविल सर्जन
डॉ. आदित्य केकती ने बताया कि उन्हें सुबह फोन के माध्यम से जानकारी मिली कि एक भर्ती मरीज अस्पताल की छत से गिर गया है। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।




