बुद्ध पूर्णिमा पर सेवा का उज्ज्वल उदाहरण: नारायण सेवा समिति के निःशुल्क भोजन अभियान के 2 वर्ष पूर्ण


जिला नारायणपुर बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिला अस्पताल, नारायणपुर में नारायण सेवा समिति द्वारा संचालित निःशुल्क भोजन वितरण सेवा ने अपने सफल दो वर्ष पूर्ण कर लिए। यह सेवा मई 2024 में बुद्ध पूर्णिमा के दिन शुरू हुई थी और तब से लगातार प्रतिदिन दो समय—दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे—निरंतर जारी है।
करीब 20 से 25 सदस्यों की यह समिति अपने निजी संसाधनों से इस सेवा अभियान को संचालित कर रही है। इस पहल का सबसे अधिक लाभ अबूझमाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को मिल रहा है, जो सीमित साधनों के कारण अक्सर भोजन जैसी मूलभूत जरूरतों से जूझते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन इस सेवा के दो वर्ष पूर्ण होना एक प्रेरणादायक संयोग है। समिति के एक सदस्य ने भावुक होकर कहा,
“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और जब किसी जरूरतमंद को भोजन मिलता है, वही हमारे लिए सच्ची पूजा बन जाती है।”
वहीं भोजन प्राप्त कर रहे एक परिजन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“हम दूर जंगलों से इलाज के लिए आते हैं। यहां आकर भोजन की चिंता खत्म हो जाती है। यह सेवा हमारे लिए भगवान का आशीर्वाद है।”
यह सेवा अभियान न केवल जरूरतमंदों की भूख मिटा रहा है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और सेवा की भावना को भी सशक्त बना रहा है। स्थानीय नागरिकों और अस्पताल प्रशासन ने भी समिति के इस निरंतर प्रयास की सराहना की है।
बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करते हुए यह पहल मानवता की सेवा का एक जीवंत उदाहरण बन चुकी है।
“जहां करुणा है, वहीं सच्चा धर्म है” — इसी संदेश को साकार करती नारायण सेवा समिति ने यह सिद्ध कर दिया है कि सेवा का मार्ग ही सर्वोत्तम मार्ग है।
समिति ने आगे भी इस सेवा को निरंतर जारी रखने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने का संकल्प दोहराया है।




