

सीबीआई जांच की मांग, अभ्यर्थियों का पैसा लौटाने व भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर पुनः शुरू करने की उठी आवाज
नारायणपुर – जिले में पुलिस भर्ती के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पार्टी के बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने आरोप लगाया कि एसपी कार्यालय में बैठने वाला एक तथाकथित कंप्यूटर ऑपरेटर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर नौकरी दिलाने का झांसा देता था और अब फरार हो गया है।
जानकारी के अनुसार, एडका क्षेत्र के एक अभ्यर्थी से 20 फरवरी 2025 को करीब ढाई लाख रुपये लिए गए। आरोपी ने एटीएम और बैंक खाते के माध्यम से पैसे का लेनदेन कर भरोसा दिलाया कि उसे पुलिस भर्ती में नौकरी मिल जाएगी।
इस मामले में एडका में पदस्थ एक डॉक्टर का नाम भी सामने आ रहा है, जिसने अभ्यर्थी को लगातार भरोसा दिलाया। लंबे समय तक आश्वासन मिलने के बाद जब अभ्यर्थी को ठगी का अहसास हुआ, तब उसने अपनी शिकायत आम आदमी पार्टी के नेताओं को सौंपी।
बताया जा रहा है कि 16 मार्च 2026 को जनदर्शन में शिकायत की तैयारी थी, लेकिन आरोपियों को भनक लगते ही मामले को दबाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि एडका थाना पुलिस ने अभ्यर्थी पर समझौते का दबाव बनाया और शिकायत नहीं करने की सलाह दी।
नरेन्द्र नाग ने कहा कि यह घटना 500 पदों की पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े भर्ती में नारायणपुर जिले के मात्र 5 अभ्यर्थियों का चयन होना संदेह पैदा करता है।
जिला अध्यक्ष परमीत दुग्गा ने बताया कि एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की गई है।
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि आरोपी राजेश पटेल को तत्काल गिरफ्तार कर उसके पूरे नेटवर्क की जांच की जाए, सभी पीड़ित अभ्यर्थियों की पहचान कर उनका पैसा वापस कराया जाए और भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः शुरू किया जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय युवाओं के साथ एसपी कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।




