

नारायणपुर, छत्तीसगढ़।
जिला नारायणपुर में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस के संभावित प्रकोप की आशंका बढ़ रही है। जिला अस्पताल नारायणपुर के ओपीडी और इमरजेंसी विभाग में प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीज एक जैसे लक्षणों के साथ पहुँच रहे हैं। इन लक्षणों में लगातार बुखार, खाँसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और कमजोरी प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस वायरस का संक्रमण सबसे पहले दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में देखा गया था। अब इसकी चपेट में लगभग 50% भारतीय आबादी विभिन्न रूपों में आ चुकी है। नारायणपुर जैसे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मरीजों का एक जैसे लक्षणों के साथ सामने आना इस बात का संकेत है कि यह वायरस यहाँ भी धीरे-धीरे फैल रहा है।
विशेषज्ञों की राय
चिकित्सकों का कहना है कि H3N2 फ्लू मुख्य रूप से खाँसी और छींक के जरिए निकलने वाली बूंदों (droplets) से फैलता है। बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएँ और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग इसके संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
बचाव के उपाय
• भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
• बार-बार हाथ धोएँ या सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
• खाँसते या छींकते समय रूमाल या टिशू का प्रयोग करें।
• फ्लू जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
• पर्याप्त नींद लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला संतुलित आहार करें।
• लक्षण दिखने पर स्वयं दवा लेने से बचें।
प्रशासन की अपील
जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं बल्कि सतर्क रहें। समय पर इलाज और आवश्यक सावधानियों से इस संक्रमण पर नियंत्रण संभव है।




