नारायणपुर

स्लग– रिपा में रिस्क, जान जोखिम में डालकर कार्यरत भवन में रिपा का संचालन

जिला नारायणपुर

सम्बंधित विभाग द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ा रीपा

छत्तीसगढ़ सरकार शहरों के साथ साथ नक्सल प्रभावित जिलों के अंदरूनी इलाकों में लोगो को बेहतर शिक्षा,स्वास्थ,रोजगार व अन्य मुलभुत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनेकों योजनओं से करोड़ो रूपये खर्च कर रही है , जिनमें एक शाशन की महत्वाकांक्षी योजना रिपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) है जिसका संचालन नारायणपुर समेत राज्य के कई जिलों में किया जा रहा है वहीं कुछ लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारी शाशन की इस महत्त्वपूर्ण योजना का मजाक बनाने के साथ ही कार्यरत ग्रामीणों के जान के साथ खिलवाड़ करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहें है । दरसल पूरा मामला नारायणपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित ग्राम छोटेडोंगर का है, जहाँ रिपा अर्थात रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का शुभारंभ होने वाला था और शुभारंभ के पहले ही गुणवत्ताविहीन सामग्री से शेड निर्माण कर बनाये गए हाँल में हल्के बारिश से ही शेड जमीन पर आ गिरा, गनीमत की बात रही शेड गिरने के दौरान कोई मौजूद नहीं था अन्यथा किसी की जान भी जा सकती थी ।

पड़ताल करने पर पता चला वन विभाग द्वारा लघु वनोपज संग्रहण के लिए 2 बड़े बड़े शेड के हाँल बनाये बनाये गए थे ,जहाँ रिपा का कार्य संचालित है वहीँ एक शेड के हाँल में कुछ दिनों पहले थोड़े बारिश से शेड व लोहे के एंगल जमीन पर आ गिरे जिसे मशीनों के सहारे वापस उठा कर रख दिया गया है , देखने से ऐसा लगने लगा की जैसे कुछ हुआ ही नहीं परन्तु भवन के अंदर जाकर देखने वाला दृश्य चौकाने वाला था , बहुत सारे लोहे के बड़े बड़े एंगल टुटे हुए थे , जगह जगह पर गड्डे थे और कुछ युवक बिना सुरक्षा उपकरण के भवन के अन्दर पंखा,लाईट व वायरिंग निकाल रहे थे । युवकों ने बताया वन विभाग द्वारा उन्हें कार्य करवाया जा रहा है और वो जान जोखिम में डाल काम करने मजबूर हैं । वहीं मामले पर छोटेडोंगर सरपंच हरिराम मांझी ने गुणवत्ताविहीन निर्माण का आरोप लगाते हुए कहा की जिस प्रकार से जीर्णोद्धार किया जा रहा है उससे भवन सुरक्षित नहीं रहेगा ।


वहीं अब दुसरे हाँल में रिपा का कार्य संचालित है वहां कार्य कर रही ग्रामीण महिलाओ ने अनेकों समस्याओ से रूबरू करवाया, महिलाओ ने बताया परिसर में पेयजल की सुविधा नहीं है, बाहर से पानी लाने को मजबूर हैं , बारिश में शेड से पानी टपकता है जिससे कई बार खाद्य सामग्री ख़राब हो जाता है , खिडकियों से बारिश का पानी अन्दर आता है और कभी भी बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है , साथ ही दोना पत्तल बनाने वाला मशीन भी कई दिनों से ख़राब पड़ा है , सभी समस्याओ को सबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है परन्तु अधिकारी सिर्फ आश्वाशन देते है, समस्याओ का समाधान नहीं करते ।

पुरे मामले पर वन विभाग के अधिकारी से जानकारी लेने पर अधिकारी के द्वारा कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया गया और मौखिक रूप से बताया गया शेड निर्माण कर जनपद पंचायत को हेंड ओवर कर दिया गया है , वहीँ मामले पर जनपद पंचायत सी ई ओ घनश्याम जांगडे ने कहा प्रशासन सारी सुविधाए देने के लिये गंभीर है,भवन फारेस्ट का है उसे फारेस्ट से रिपा के लिए लिया गया है और भवन में जो कमियां है उसे पूरी कराइ जा रही है , टेक्नीकल प्राब्लम के कारण शेड गिर गया था जिसे ठीक कराया जा रहा है ।

राज्य के अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनओं का लाभ पहुँचाने शासन के द्वारा लगातार अथक प्रयास किया जा रहा है साथ ही अंदरूनी इलाके में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का संचालन कर गरीब परिवारों व महिलाओ का आमदनी बढाकर शासन गड़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार कर रही है तो वहीं कुछ लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी शाशन की इस महत्वाकांक्षी योजना में तमाचा जड़ते हुए ठेंगा दिखाते नजर आ रहें है , जिसका खामियाजा रिपा में कार्यरत ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है ।

Maad Sandesh
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