NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI का उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की निकाली प्रतीकात्मक शव यात्रा


जिला नारायणपुर NEET पेपर लीक मामले को लेकर NSUI नारायणपुर द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में “BAN NTA”, “पेपर लीक बंद करो” और “छात्रों का भविष्य लौटाओ” जैसे नारों के साथ छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर आक्रोश जताया गया।
NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। गरीब, मध्यम वर्गीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र वर्षों की मेहनत के बाद भी भ्रष्ट व्यवस्था के कारण मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में हुई धांधली ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और केंद्र सरकार तथा NTA छात्रों का भरोसा कायम रखने में विफल साबित हुए हैं।
NSUI जिला अध्यक्ष विजय सलाम ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के सपनों को कुचलने का काम कर रही हैं। छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था और लापरवाही उनके सपनों को तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के बाद अब 2026 में भी NEET पेपर लीक का मामला सामने आना बेहद गंभीर और शर्मनाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि NTA पूरी तरह छात्रों का विश्वास खो चुकी है और निष्पक्ष परीक्षा कराने में विफल रही है। NSUI ने मांग की कि NTA को तत्काल बैन किया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई।
प्रदर्शन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान, महामंत्री संजय राय, शहर अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बंधन देवांगन, जय वाटी, NSUI उपाध्यक्ष खिलेन्द्र सोरी, महासचिव राहुल मांडवी, अदनान खान, राहुल नाग, बिरू, रेहान खान, प्रदीप दुग्गा, महेश पोयाम, मनोज वड्डे, पवन, नरेंद्र, सूरज, बुद्धा, मोहन वैष्णव, चरण मांडवी, किसलय देवांगन, रमेश अनुज वड्डे एवं वासुदेव मांडवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




