छत्तीसगढ़रायपुर

कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी हत्याकांड का खुलासा

मृतक के पिता, सगे भाई और कई रिश्तेदार गिरफ्तार

रायपुर I बिलासपुर-पुलिस ने संजू त्रिपाठी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. एसएसपी पारुल माथुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि संजू के पिता जय नारायण त्रिपाठी और सगे भाई कपिल त्रिपाठी सहित दूसरे रिश्तेदारों और साथियों ने मिलकर ये साजिश रची और घटना को अंजाम दिया. दरअसल, पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर हत्या हुई है. मामले में पुलिस ने संजू त्रिपाठी के पिता जय नारायण त्रिपाठी, भाई कपिल त्रिपाठी, बहू सुनीता त्रिपाठी, दोस्त प्रेम श्रीवास, अमन गुप्ता, जीजा भरत तिवारी, आशीष तिवारी, रवि तिवारी और राजेंद्र सिंह ठाकुर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं 5 शूटर अभी फरार हैं. संजू की हत्या के लिए 10 लाख रुपये में यूपी के शूटर्स से सौदा हुआ था. जिसमें से उन्हें 5 लाख रुपये दिए जा चुके थे. पुलिस ने इस वारदात के बाद 100 से ज्यादा जगहों पर मोबाइल टावरों का कॉल डाटा छान मारा. 50 से ज्यादा टोल प्लाजा में सीसीटीवी कैमरों की छानबीन की. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से देखा. पुलिस ने इस मामले में 2 पिस्टल एक कट्टा जब्त किया है.

 

बता दें, कि 14 दिसंबर को संजू त्रिपाठी की सकरी बाई में अज्ञात शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, छतीसगढ़ में तलाश कर रही थी. सूचना पर कपिल के पिता जयनारायण त्रिपाठी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. उनके मोबाइल से कपिल की कई बातचीत की रिकार्डिंग भी मिली. जांच में पता चला कि मृतक संजू पूरी प्रॉपर्टी हड़पना चाहता था और अपने पिता की गोद ली हुई लड़की के साथ जबर्दस्ती संबंध बनाता था, जिसके चलते संजू के मुंहबोली बहन के पति, उसके पिता, खुद मुंहबोली बहन, कपिल की पत्नी और अन्य ने मिलकर संजू की हत्या की साजिश रची. जिसके लिए कपिल के एक साथी प्रेम श्रीवास ने यूपी से 5 शूटर 10 लाख रुपये में लाए थे. जिनको एडवांस में 5 लाख रुपये भी दिया जा चुका था. इसके अलावा प्रेम ने रायगढ़ के हथियार सप्लायर के साथ मिलकर हथियारों की व्यवस्था की थी. शूटर आकर कपिल के अमेरी स्थित घर के बाहर आउट हॉउस में रुके थे. जिन्होंने दो बार पहले भी हत्या की कोशिश की थी पर सफल नहीं हुए थे. उन्हें पता चला कि संजू पिछले चार से पांच दिनों से गांव आता जाता है. तब उसकी रेकी कर वापसी में गोली मार दी गयी.

पूर्व योजना के अनुसार कपिल त्रिपाठी घटना में शामिल नहीं रहने वाला था. उसने सभी लोगों को आश्वासन दिया था कि मैं जब बाहर रहूंगा तो सबको बाइज्जत बरी करवा लूंगा. तय योजना के अनुसार भरत तिवारी, आशीष तिवारी और रवि तिवारी हथियार के साथ गिरफ्तार होते और नियोजीत तरीके से दो पिस्टल को शनिचरी वाले घर से और एक पिस्टल को भिलाई से जब्त करवाते. ये पिस्टल जाम थी, चलती नहीं थी. लिहाजा अदालत में इसका फायदा मिलता. कपिल की पत्नी सुमित्रा त्रिपाठी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पिथौरागढ़ उत्तराखण्ड में उसके भागने के दौरान छुपने की व्यवस्था करवाई थी. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता कपिल को यूपी में लखनऊ के एक्सप्रेस वे में लग्जरी बस में सोते हुए पकड़ा. संजू के शरीर में 7.65 mm की दस गोलियां लगी थी.

गिरफ्तार आरोपी :

1. जय नारायण त्रिपाठी (73)- संजू के पिता, इसके भिलाई स्थित घर से एक पिस्टल और दो राउंड गोली बरामद हुई है.

2. कपिल त्रिपाठी (38)- अमेरी बिलासपुर, ये संजू का भाई है, जिसने हत्याकांड के बाद भागने के लिए नेपाल, दिल्ली, कश्मीर की रेकी की थी और मुख्य साजिशकर्ता है.

3. सुमित निर्मलकर- (24) अमेरी सकरी. यह स्कॉर्पियो से कपिल को लेकर फरार हुआ.

4. प्रेम उर्फ बजरंग श्रीवास- (30) मिनी बस्ती. ये पुराना सटोरिया है. यही 5 शूटर उत्तरप्रदेश से लाया था.

5. सुचित्रा त्रिपाठी- (36) ये कपिल की पत्नी है जो आरोपियों को भागने में सहयोग की थी.

6. दत्तक पुत्री- इसका संजू शारीरिक शोषण करता था.

7. अमन गुप्ता- (23) ये शहर के दाऊ मेडिकल स्टोर के संचालक यशवंत गुप्ता का पुत्र है. जिसने संजू की रेकी कर शूटरों को सूचना दी और घटना के बाद अपनी गाड़ी से शूटरों को भगाया. इसे कपिल काम के लिए 4 लाख देने वाला था.

8. भरत तिवारी- (42) ये दत्तक पुत्री का पति था. इससे संजू आये दिन मारपीट करके इसकी पत्नी से संबंध बनाता था. ये भी संजू की रेकी किया और घटना स्थल में उपस्थित था.

9. आशीष तिवारी- (29) ये आरोपी भरत तिवारी का भतीजा है.

10. रवि तिवारी- (32) ये भरत तिवारी का भांजा है. 11. राजेन्द्र ठाकुर- ये प्रेम श्रीवास का वाहन चालक है. जो शूटरों को भगाने में मदद किया था.

Maad Sandesh
0
0

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!