

जिला नारायणपुर :
आप ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की उच्चस्तरीय जांच, सोशल ऑडिट और दोषियों पर एफआईआर की मांग उठाई
नारायणपुर। आम आदमी पार्टी के बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी एवं छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर बच्चों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिस्तर और अन्य मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
नरेन्द्र नाग ने आरोप लगाया कि योजना के तहत प्रदेशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, जबकि बस्तर संभाग के लिए भी बड़ी राशि आवंटित होती है। इसके बावजूद कई छात्रावासों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि बजट का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार और कागजी खर्च में समा जाता है, जबकि कई निर्माण कार्य अधूरे होने के बावजूद उनका भुगतान पूरा कर दिया जाता है।
उन्होंने नारायणपुर जिले के दिव्यांग आवासीय विद्यालय का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत लगभग 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित किचन शेड में गुणवत्ताहीन निर्माण किया गया। उनके अनुसार टीन शेड निर्माण पर बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है और इससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में योजना के तहत करोड़ों रुपये के कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं।
आप नेता ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, तो फिर छात्रावासों में बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों जूझना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:
मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बस्तर संभाग के सभी छात्रावासों का सोशल ऑडिट कराया जाए।
भ्रष्ट अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्रावासों में बच्चों को भोजन, आवास, पेयजल एवं शिक्षा की बेहतर सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो बस्तर में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।




