नारायणपुर

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ बजट 2026 को बताया जन-विरोधी, कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप

नारायणपुर (राज्यभूमि) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के छत्तीसगढ़ राज्य सह सचिव फुलसिंग कचलाम ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को जन-विरोधी और पूंजीपरस्त नीतियों का प्रतिबिंब बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और युवाओं की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करता है तथा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में केंद्रित है।

कचलाम ने कहा कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के साथ नारायणपुर जिले के समस्त धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी नहीं हो रही है। इसके लिए राज्य सरकार को पर्याप्त बजट आबंटन कर खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और बीज सब्सिडी में वृद्धि के लिए ठोस प्रावधान करने की मांग भी की।

मजदूर वर्ग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी घोषणाएं अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष पैकेज की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

पार्टी ने राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अपर्याप्त बजट प्रावधान पर चिंता जताई। आदिवासी समुदायों के वनाधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट को कमजोर बताया गया।

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कचलाम ने कहा कि सरकारी नौकरियों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा स्थानीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के संबंध में बजट में स्पष्ट रणनीति का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन और कर रियायतें दी जा रही हैं, जबकि सामाजिक क्षेत्र के बजट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रतिदिन लगभग 25 करोड़ रुपये की शराब बिक्री की जा रही है तथा दिसंबर-जनवरी के त्योहारों के दौरान यह आंकड़ा प्रतिदिन लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद नशा मुक्ति केंद्रों के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो समाजहित में पर्याप्त नहीं है।

भाकपा ने इस बजट के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाने तथा किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और युवाओं को संगठित करने का आह्वान किया है।

Maad Sandesh
0
0

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!