छत्तीसगढ़नारायणपुर

अबूझमाड़ मुठभेड़: बसवराजु समेत 27 माओवादी ढेर, परिजन शव लेने पहुंचे; पुलिस निगरानी में नारायणपुर में हुआ अंतिम संस्कार”

अबूझमाड़ मुठभेड़: बसवराजु समेत 27 माओवादी ढेर, परिजन शव लेने पहुंचे; पुलिस निगरानी में नारायणपुर में हुआ अंतिम संस्कार”

26 मई 2025 | नारायणपुर | विशेष संवाददाता

नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र के कुडमेल-कलहाजा-जाटलूर जंगलों में 21 मई को डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक माओवादी विरोधी ऑपरेशन में कुख्यात माओवादी महासचिव नामबाला केशव राव उर्फ बसवराजु सहित कुल 27 नक्सली ढेर कर दिए गए। इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मारे गए माओवादियों से एके-47, इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल और भारी मात्रा में गोला-बारूद समेत कई हथियार बरामद किए गए हैं। विशेष रूप से 2010 के ताड़मेटला और 2017 के बुरकापाल हमलों में लूटी गई राइफलों की बरामदगी इस मुठभेड़ की रणनीतिक सफलता को दर्शाती है।

शवों की पहचान और कानूनी प्रक्रिया:

मारे गए 27 माओवादियों में से 20 के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। शेष 7 में से बसवराजु सहित 8 शवों का अंतिम संस्कार कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार नारायणपुर में किया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई शवों के लिए कोई वैध कानूनी दावा प्रस्तुत नहीं किया गया था।

परिजनों की प्रतिक्रिया:

बसवराजु की पहचान होते ही मीडिया के माध्यम से सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई रामप्रसाद, चचेरे भाई कोडंता, भतीजा जनार्दन और सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया समेत अन्य नक्सली परिजन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से नारायणपुर पहुंचे। तीन एयरकंडीशनर मरचुरी एंबुलेंसों और तेलंगाना नंबर की गाड़ियों के साथ वे शव लेने जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस सत्यापन व कानूनी औपचारिकताएं पूरी न होने के चलते शव उन्हें नहीं सौंपा गया। वे आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट का आदेश साथ लाए थे, लेकिन प्रशासनिक अनुमति न मिलने से नाराजगी व्यक्त की।

इतिहास और आरोप:

बसवराजु पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ₹1 करोड़ और अन्य राज्यों व एजेंसियों द्वारा घोषित कुल ₹3.33 करोड़ से अधिक का इनाम था। वह 2018 से सीपीआई (माओवादी) का महासचिव था। उसे झीरम घाटी हमले (2013), ताड़मेटला (2010) और बीजापुर (2011) में दर्जनों जवानों और नेताओं की हत्या का मास्टरमाइंड माना जाता है।

पुलिस जांच में अब तक उसकी संलिप्तता वाले 258 से अधिक मामलों की छानबीन की जा चुकी है। फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।

इतिहास और आरोप:

बसवराजु पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ₹1 करोड़ और अन्य राज्यों व एजेंसियों द्वारा घोषित कुल ₹3.33 करोड़ से अधिक का इनाम था। वह 2018 से सीपीआई (माओवादी) का महासचिव था। उसे झीरम घाटी हमले (2013), ताड़मेटला (2010) और बीजापुर (2011) में दर्जनों जवानों और नेताओं की हत्या का मास्टरमाइंड माना जाता है।

पुलिस जांच में अब तक उसकी संलिप्तता वाले 258 से अधिक मामलों की छानबीन की जा चुकी है। फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।

उल्लेखनीय है कि अबूझमाड़ मुठभेड़ के संबंध में सीपीआई (माओवादी) द्वारा जारी प्रेस नोट में उन्होंने यह स्वीकार किया है कि इस गोलीबारी में उनके महासचिव बसवराजु सहित कुल 28 कैडर मारे गए। इस प्रेस विज्ञप्ति में यह अवैध और प्रतिबंधित संगठन अपने समर्थकों को देशभर में रैलियाँ और सभाएँ आयोजित कर, अपने क्रूर और भयावह नेतृत्व की मृत्यु को महिमामंडित करने के लिए भड़काने की कोशिश कर रहा है वही नेतृत्व जो हजारों निर्दोष नागरिकों, आदिवासियों, महिलाओं, बच्चों और सुरक्षाबलों की मौत का जिम्मेदार रहा है।पुलिस और खुफिया एजेंसियां भूमिगत माओवादी कैडरों के साथ-साथ उनके Over ground कार्यकर्ताओं और समर्थकों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं।

Maad Sandesh
0
0

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!