नारायणपुर

नारायणपुर में महिलाओं को मिल रहा न्याय और संरक्षण

जिला नारायणपुर

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005:

नारायणपुर। घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण हेतु वर्ष 2005 में लागू अधिनियम के तहत, नारायणपुर जिले में अनेक पीड़ित महिलाओं को न्याय एवं सहायता प्रदान की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत कार्यरत महिला संरक्षण अधिकारी किरण नैलवाल चतुर्वेदी ने बताया कि इस अधिनियम के तहत शासन द्वारा उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर प्रत्येक जिले में महिला संरक्षण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

2014 से अब तक 514 प्रकरण दर्ज

जिले में वर्ष 2014 से अब तक कुल 514 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 265 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए और 244 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए गए हैं।

कानून का लाभ किसे?

इस अधिनियम के अंतर्गत ऐसी सभी महिलाएं लाभ ले सकती हैं जो साझी गृहस्थी में रहती हैं। विवाहिता होने की अनिवार्यता नहीं है — रक्त, विवाह या दत्तक संबंधों में आने वाली कोई भी महिला इस कानून का लाभ ले सकती है।

घरेलू हिंसा के प्रकार

इस कानून में निम्नलिखित हिंसाएं शामिल हैं:

शारीरिक हिंसा

मानसिक हिंसा

आर्थिक हिंसा

भावनात्मक हिंसा

यौन हिंसा

इन मामलों में महिलाओं को काउंसलिंग, चिकित्सा और अन्य विधिक सहायता दी जाती है।

प्राप्त की जा सकने वाली सहायता

पीड़ित महिलाएं निम्नलिखित निःशुल्क आदेश प्राप्त कर सकती हैं:

संरक्षण आदेश

निवास आदेश

भरण-पोषण आदेश

अभिरक्षा आदेश

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री लुपेंद्र महीनाग ने जानकारी दी कि इस कानून का लाभ लेने के इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

Maad Sandesh
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