छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मोर छैया भुइयां–3’ के लिए अजमत फरीदी को बेस्ट चाइल्ड एक्टर अवार्ड
नारायणपुर– उर्दू शब्द “अजमत” का अर्थ ही होता है—गौरव। अपने नाम को पूरी तरह चरितार्थ करते हुए नारायणपुर के होनहार बाल कलाकार अजमत फरीदी ने जिले का नाम रोशन किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाने वाले अजमत को छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मोर छैया भुइयां–3’ में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट चाइल्ड एक्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया है।उल्लेखनीय है,कि इसी फिल्म को छत्तीसगढ़ फिल्म फेयर के अंतर्गत बेस्ट मूवी और मूवी ऑफ द ईयर जैसे प्रतिष्ठित अवार्ड भी प्राप्त हुए हैं, जिससे इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ गया है।अजमत फरीदी के पिता समीर फरीदी अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा जनपद पंचायत में सहायक ग्रेड–3 के पद पर पदस्थ हैं, जबकि माता सफीना फरीदी बाल विकास विभाग में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों और माता-पिता की व्यस्त शासकीय जिम्मेदारियों के बावजूद परिवार ने अजमत के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।अजमत की प्रतिभा को निखारने और उनके फिल्मी सफर को सहज बनाने में उनके दादा एस.बी. फरीदी का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षक एस.बी. फरीदी न केवल उन्हें शूटिंग पर ले जाते हैं, बल्कि शूटिंग के दौरान उनकी पढ़ाई, अनुशासन और देखभाल का भी पूरा ध्यान रखते हैं। परिवार के इस मजबूत सहारे ने अजमत को आत्मविश्वास और स्थिरता प्रदान की है।वर्तमान में अजमत फरीदी केंद्रीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं और पढ़ाई के साथ-साथ अभिनय के क्षेत्र में भी पूरी लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले वे इंडिया गॉट टैलेंट जैसे राष्ट्रीय मंच पर मलखान टीम के साथ पहुंचकर प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं, जहां उनकी प्रतिभा की सराहना शिल्पा शेट्टी और मशहूर गायक बादशाह जैसे दिग्गजों ने की थी। इसी मंच से मिली पहचान के बाद उन्हें फिल्म मोर छैया भुइयां–3 में अभिनय का अवसर प्राप्त हुआ।
फिलहाल अजमत फरीदी छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री की अन्य फिल्मों में भी बाल कलाकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं, जिनकी शूटिंग लगातार जारी है। कम उम्र में मिली यह सफलता उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव मानी जा रही है।
अवार्ड की घोषणा के बाद नारायणपुर जिले में खुशी की लहर
अजमत की इस सफलता से जिलेवासियों ने अजमत फरीदी, उनके माता-पिता और दादा एस.बी. फरीदी को बधाई देते हुए उनके सुनहरे भविष्य की कामना की है।निस्संदेह,अजमत फरीदी की यह सफलता नारायणपुर ही नहीं,बल्कि पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है—जो यह साबित करती है कि प्रतिभा, शिक्षा और पारिवारिक सहयोग से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।





